Tag Archives: Anil Chaudhary

थारू भाषी कविता : आपन भाषाहे छातीसे लगुइयन्

~अनिल चौधरी~ आपन भाषाहे छातीसे लगुइयन्, आपन अङ्नाहे देउना-बेब्री से सजुइयन्, कौन गल्लीमे हेराइल बटो, कौन कोन्टीमे खुस्टल बटो, दिन महिना बरस बीत गैल्, अब ते तोहार पहिचान फेन मेट गैल् /1/

Posted in थारू कविता | Tagged , , , | Leave a comment