मैथिली गजल : निक विचार नञि देखलाैं

~हृदय नारायण यादव ‘मैथिल सुमन’~

अहाँ भितर निक विचार नञि देखलाैँ कहियाे,
विश्वास कsसकी अाे विचार नञि देखलाैँ कहियाे,

अहाँ भितर निक विचार नञि देखलाैँ कहियाे,
विश्वास कsसकी अाे विचार नञि देखलाैँ कहियाे,
अहाँ भितर निक विचार नञि देखलाैँ कहियाे…

जन्मलाैँ,बढ्लाैँ,सियान भगेलाैँ अहि माटिमे,
देशमे निक सरकार नञि देखलाैँ कहियाे,
अहाँ भितर निक विचार नञि देखलाैँ कहियाे…

गाम दिस इजाेतक काेनाे लक्षण नञि अछि-२
अहाँक घरमे अन्धकार नञि देखलाैँ कहियाे,
देशमे निक सरकार नञि देखलाैँ कहियाे…

सदिखन अपनाके मधेशक मसिहा कहबैयाक-२
मधेश प्रति बनल बफादार नञि देखलाैँ कहियाे,
देशमे निक सरकार नञि देखलाैँ कहियाे…

गलती नञि हाेइताे गाेली चलऐ मधेशी उपर,
सताधारीक बानि(बाइन)मिलनसार नञि देखलाैँ कहियाे,

(अहाँ भितर निक विचार नञि देखलाैँ कहियाे,
विश्वास कsसकी अाे विचार नञि देखलाैँ कहियाे)-२…

-हृदय नारायण यादव(मैथिल सुमन)
धनगढीमाई-१०,श्यामपुर(सिरहा)
अध्यक्ष
मिथिला स्टूडेण्ट यूनियन नेपाल
लहान-७,सिरहा

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